बालाघाट में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जांच की मांग
SIR प्रक्रिया में मतदाता सूची की कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग, पात्र मतदाताओं के मताधिकार की सुरक्षा और दोष सिद्ध होने पर संवैधानिक कार्रवाई की मांग उठाई
बालाघाट, 10 अक्टूबर 2026। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतों को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने शनिवार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। पार्टी की ओर से यह ज्ञापन जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, बालाघाट के माध्यम से राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली के लिए प्रस्तुत किया गया। ज्ञापन में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने, मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए आवश्यक संवैधानिक एवं कानूनी कदम उठाने की मांग की गई है।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने ज्ञापन में कहा कि भारतीय संविधान में निहित लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत प्रत्येक नागरिक को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निर्वाचन में भाग लेने तथा अपने मताधिकार का उपयोग करने का अधिकार है। पार्टी ने मतदाता सूची की शुद्धता और निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर चिंता जताते हुए SIR प्रक्रिया के दौरान सामने आई कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराने का अनुरोध किया है।
SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग
पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान सामने आई जटिलताओं और कथित त्रुटियों के कारण पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने तथा कुछ मतदाताओं के मतदान के अधिकार से वंचित होने की आशंकाएं उत्पन्न हुई हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार तथा पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न होनी चाहिए।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने मांग की है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में किए गए बदलावों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके लिए नाम जोड़ने और हटाने से संबंधित दावों, आपत्तियों तथा संबंधित दस्तावेजों एवं अभिलेखों का परीक्षण किया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पूरी प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन किया गया है या नहीं।
पार्टी ने यह भी कहा कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो ऐसे मामलों की पहचान कर नियमानुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि किसी भी नागरिक को उसके मताधिकार से वंचित न होना पड़े।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका की जांच कराने की मांग
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के कारण निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका है। ज्ञापन में इन आरोपों की स्वतंत्र जांच कर जिम्मेदारी निर्धारित करने की मांग की गई है।
पार्टी ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी प्रकार के संवैधानिक या कानूनी दायित्वों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संविधान में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में आरोप प्रमाणित होने की स्थिति में मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने के लिए निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया पर भी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
हालांकि, ज्ञापन में लगाए गए आरोप गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के दावे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या जांच के निष्कर्षों की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन करने की प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि मतदाता अपने नाम की स्थिति जान सकें और किसी त्रुटि की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति प्रस्तुत कर सकें।
ज्ञापन में मतदाता सूची के पुनरीक्षण से संबंधित अभिलेखों, दावों-आपत्तियों और उनके निराकरण की प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराने पर जोर दिया गया है। पार्टी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित शिकायतों का निष्पक्ष परीक्षण होना चाहिए तथा प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
पार्टी के अनुसार, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं। ऐसे में मतदाता सूची की शुद्धता, निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और संबंधित संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।
राष्ट्रपति से की गईं प्रमुख मांगें
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
- मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया से संबंधित दावों, आपत्तियों एवं दस्तावेजों का निष्पक्ष परीक्षण किया जाए।
- मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
- जांच में आरोप प्रमाणित होने पर संविधान में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उचित संवैधानिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
- मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
- प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा तथा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
जिलाध्यक्ष भुवनसिंह कोराम सहित ये लोग रहे शामिल
राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिलाध्यक्ष इंजी. भुवनसिंह कोराम सहित पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के नाम शामिल हैं।
ज्ञापन में चमारसिंह भलावी (घोडादेही), देलसिंह मरकाम (गुदमा), खुमनसिंह धुर्वे (मंडई), हेमन मसराम (छपला), फूलचन्द एडमाचे (अहमदपुर), लक्ष्मी कंगाले (परसवाड़ा), अमेश उइके (परसवाड़ा), जियालाल मरकाम (परसवाड़ा), मनीष परते (परसवाड़ा), जानू सिंह (अठमपुर), गोविन्द टेकाम (परसवाड़ा), ऋषिकेश घोरमारे (लांजी), लालसिंह कंगाले (परसवाड़ा), मोतीराम उइके (लांजी), छगनलाल उइके, शिवलाल भलावी (खलोड़ी) और भरतलाल भलावी (बालाघाट) के नाम शामिल हैं।
मताधिकार की सुरक्षा के लिए कार्रवाई की मांग
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने राष्ट्रपति से ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने तथा आवश्यक संवैधानिक एवं कानूनी कदम उठाने का अनुरोध किया है। पार्टी ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं की जांच, निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
अब ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर संबंधित स्तर पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी।

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