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बैहर में 29 बच्चों की मौत पर कांग्रेस का प्रदर्शन, दोषियों पर FIR की मांग


 बैहर में 29 बच्चों की मौत पर कांग्रेस का प्रदर्शन, दोषियों पर FIR की मांग

बालाघाट। बैहर क्षेत्र में बच्चों की मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। करीब 29 बच्चों की मौत के मामले में जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 31 अगस्त को बालाघाट में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के विरोध में पुतला दहन कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई।

प्रदर्शन के बाद ब्लॉक कांग्रेस कमेटी शहरी अध्यक्ष श्याम पंचवानी एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ग्रामीण भरवेली अध्यक्ष अनिल बनोटे के नेतृत्व में जिला पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बच्चों की मौत को केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं किया जा सकता। यह कई परिवारों की ऐसी त्रासदी है, जिसमें उन्होंने अपने मासूम बच्चों को खोया है। इसलिए मौतों के वास्तविक कारण और जिम्मेदारियों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

बता दें कि बैगा बाहुल्य क्षेत्र में बच्चों की मौत का मामला पिछले दिनों से लगातार चर्चा में रहा है। इससे पहले बिरसा क्षेत्र में बच्चों की मौत का स्थानीय आंकड़ा 25 तक पहुंचने की बात सामने आई थी। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से अलग संख्या की पुष्टि किए जाने को लेकर भी सवाल उठे थे। इसी वजह से मृत बच्चों की वास्तविक संख्या, उनकी बीमारी, उपचार और मौत के कारणों का स्वतंत्र रूप से सत्यापन कराने की मांग लगातार उठती रही है।

पहले सामने आए मामलों में तीन वर्षीय आकाश धुर्वे की मौत और बाद में चार वर्षीय रामप्यारी की मौत का मामला भी चर्चा में रहा। इन घटनाओं के बाद बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति, समय पर उपचार, स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, टीकाकरण और अन्य संभावित कारणों को लेकर सवाल उठाए गए थे। आदिवासी एवं बैगा परिवारों ने भी मामले की गंभीरता से जांच और पीड़ित परिवारों को सहायता दिए जाने की मांग की थी।

अब कांग्रेस ने इस मामले में तत्कालीन टीकाकरण अधिकारी परेश उपलो के कार्यकाल के दौरान टीकाकरण व्यवस्था में कथित लापरवाही और बच्चों का आवश्यक टीकाकरण पूरा नहीं होने के आरोपों की जांच की मांग की है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के संबंधित अधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारी भी जांच के दायरे में लाने की मांग की गई है।

कांग्रेस का कहना है कि जांच में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही, कर्तव्य में गंभीर चूक अथवा जिम्मेदारी प्रमाणित होती है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या सहित लागू कानूनी धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग भी ज्ञापन में की गई है।

कांग्रेस ने मृत बच्चों के परिवारों को न्याय और उचित सहायता देने, प्रत्येक मौत के मामले की परिस्थितियों की जांच करने तथा जांच की कार्रवाई और अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक करने की मांग रखी है। नेताओं का कहना है कि दोषी कोई भी हो, निष्पक्ष जांच के बाद उसकी जवाबदेही तय होना चाहिए।

अब देखना होगा कि बच्चों की मौत के इस मामले में पुलिस और प्रशासन की ओर से जांच को लेकर क्या कार्रवाई की जाती है और सामने आए आरोपों पर जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।

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