News Today – रिपोर्ट: महेंद्र धुर्वे
बालाघाट। परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम चरेगांव, जहां वर्षों से पीने के पानी का संकट ग्रामीणों की सबसे बड़ी समस्या बना हुआ था, अब उस समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। गांव में नल–जल योजना के ठप होने और पुराने स्रोतों पर अत्यधिक निर्भरता के कारण ग्रामीणों को दैनिक जीवन में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी।
लेकिन अब परिस्थितियाँ बदलने की ओर हैं। ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि स्वप्निल बिसेन के निरंतर प्रयास, जिला स्तरीय अधिकारियों से संवाद, तकनीकी दस्तावेज़ तैयार कराने और बार–बार योजना को आगे बढ़ाने की कोशिशों के बाद 1 करोड़ 30 लाख रुपये की नई पेयजल योजना को आखिरकार स्वीकृति मिल गई है। विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है और आने वाले दिनों में इसका भूमिपूजन किया जाएगा।
🔵 “एक मात्र समाधान – नई योजना”
गांव की प्यास बुझाने का सबसे बड़ा कदम
ग्राम चरेगांव में मौजूद पानी के स्रोत वर्षों से पर्याप्त नहीं हैं। गांव में बना हैंडपंप और एक कुआं कई बार गर्मियों में जवाब दे देता है, जिसके कारण ग्रामीणों को आधा किलोमीटर दूर स्थित झिरिया से पानी लाना पड़ता है। नल–जल योजना, जिस पर ग्रामीणों को सबसे अधिक उम्मीद थी, वर्षों से बंद पड़ी है।
सरपंच प्रतिनिधि स्वप्निल बिसेन ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए इसे पंचायत और विभागीय बैठकों में लगातार उठाया।
उन्होंने बताया—
“गांव की पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। ग्रामीण हर दिन पानी भरने के लिए लाइन लगाते थे। नल–जल योजना ठप होने के बाद यह समस्या और बढ़ गई। हमने अधिकारियों के साथ कई दौर की चर्चा की, सभी तकनीकी दस्तावेज़ तैयार कराए और योजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में कोई कमी नहीं छोड़ी। इसी का परिणाम है कि गांव के लिए 1.30 करोड़ रुपये की नई पेयजल योजना स्वीकृत हुई है।”
🔵 ग्रामीणों ने सरपंच प्रतिनिधि की मेहनत और प्रयासों की तारीफ की
लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण अब इस स्वीकृति के बाद उम्मीद से भरे हुए हैं। गांव के लोगों ने खुले तौर पर सरपंच प्रतिनिधि के प्रयासों की सराहना की—
लता बिसेन (ग्रामीण)
“हम सालों से पानी की दिक्कत झेल रहे थे। कई बार गर्मियों में पानी भरने तक के लिए संघर्ष करना पड़ता है। नई योजना स्वीकृत होने से हमें राहत की उम्मीद दिख रही है। स्वप्निल जी ने इसके लिए बहुत प्रयास किए हैं।”
कांता परते (ग्रामीण)
“गर्मियों में कुआं और हैंडपंप तक जवाब दे देते थे। पानी के बिना परिवार चलाना मुश्किल हो जाता था। अब लगता है कि सही समाधान मिलने वाला है।”
सालिकराम मरकाम (ग्रामीण)
“नल–जल योजना शुरू में कुछ दिन चली थी, उसके बाद कभी पानी नहीं आया। नई योजना लागू हो जाती है तो यह गांव की सबसे बड़ी समस्या का अंत होगा। सरपंच प्रतिनिधि ने बहुत अच्छा काम किया है।”
🔵 नई योजना का ब्लूप्रिंट—गांव को मिलेंगे स्थायी जल स्रोत
सूत्रों के अनुसार नई योजना के तहत—
गांव में नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी,
उच्च क्षमता का ओवरहेड टैंक बनाया जाएगा,
जलस्रोत के लिए ट्यूबवेल और बोरिंग की स्थापना,
और पूरे गांव में समर्पित सप्लाई लाइन तैयार की जाएगी।
तकनीकी परीक्षण (Technical Sanction) की प्रक्रिया जारी है। कार्यादेश जारी होते ही निर्माण कार्य तेजी से शुरू होगा।
🔵 जल्द होगा भूमिपूजन—गांव में उत्साह
योजना स्वीकृत होने के बाद चरेगांव के ग्रामीणों में उत्साह है। उन्हें उम्मीद है कि अब वर्षों से जारी इस समस्या का स्थायी समाधान मिलेगा। आने वाले दिनों में यह योजना गांव के विकास और जनजीवन सुधार में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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