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टीएल बैठक में कलेक्टर ने की समय-सीमा प्रकरणों की गहन समीक्षा; धान खरीदी, विकास व कल्याण योजनाओं पर सख्त निर्देश

 


बैठक की रूपरेखा — प्राथमिकता: किसान, सड़क व प्रशासनिक सेवाएँ
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01 दिसंबर से धान खरीदी: सभी तैयारियाँ पूर्ण रखें

ग्रामीण सड़कों का शीघ्र निर्माण — डाबरी-लांजी सड़क पर विशेष ज़ोर

रोज़गार: सीखो-कमाओ और विश्वकर्मा योजना के क्रियान्वयन पर तेज़ी

रबी सीज़न: कम-पानी वाला कृषि विकल्प बढ़ाएँ

अवसंरचना: लालबर्रा स्टेडियम व जलाशयों का तेज़ी से कार्यान्वयन
सामाजिक सुरक्षा व कल्याण योजनाएँ — तीव्र वितरण का निर्देश
स्वास्थ्य सेवाएँ व चिकित्सा दुकानों का सख्त नियमन
मलेरिया नियंत्रण: मच्छरदानी वितरण का सत्यापन और कड़ी कार्रवाई
नगरीय निकाय व परिवहन व्यवस्थाएँ: नियम विरुद्ध बसों पर कार्रवाई
कलेक्टर के अंतिम निर्देश और निगरानी तंत्र
संपादकीय टिप्पणी
टीएल बैठक में कलेक्टर ने की समय-सीमा प्रकरणों की गहन समीक्षा; धान खरीदी, विकास व कल्याण योजनाओं पर सख्त निर्देश
बालाघाट, 24 नवम्बर — कलेक्टरेट सभाकक्ष में आयोजित टीएल (टाइम-लाइन) बैठक में कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने जिले के समस्त विभागों द्वारा लंबित तथा समय-सीमा से संबंधित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट तथा समयबद्ध निर्देश जारी किए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री जी.एस. धुर्वे, श्री डी.पी. बर्मन, सहायक कलेक्टर श्री आकाश अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रदीप कौरव, एसडीएम श्री गोपाल सोनी सहित समस्त अनुभागीय अधिकारी व विभागीय प्रभारी मौजूद रहे। सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ तथा नगरपालिका अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।
कलेक्टर ने बैठक की शुरुआत करते हुए जिले में चल रहे समय-सीमा से संबंधित प्रकरणों की तात्कालिक समीक्षा का निर्देश दिया और कहा कि हर प्रकरण का निवारण तय समय में सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता को कोई भी आधिकारिक सेवा अनावश्यक रूप से लंबित न रखी जाए और सभी शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जाए।
विशेष तौर पर बैठक में निम्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा और निर्देश दिए गए:
कलेक्टर ने अगले आर्थिक सत्र के तहत 01 दिसंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी आरंभ होने के मद्देनजर समस्त अधिकारियों को हर धान खरीदी केन्द्र पर आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
अतिवर्षा तथा कीट-व्याधि से प्रभावित फसलों के मुआवजा प्रकरणों की तहसीलवार समीक्षा की गई और उप संचालक कृषि को निर्देशित किया गया कि प्रभावित किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ सुनिश्चित करायें।
सभी खरीद केंद्रों पर तख्ती-दस्तावेज, मालखूबियों व खेतों की सत्यापित सूची, पहचान-प्रक्रिया तथा क्रय-कर्म से संबंधित व्यवस्थाएँ समय रहते पूर्ण होने चाहिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि खरीदी केन्द्रों पर किसी प्रकार की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियंत्रण व प्रवाह के लिये जिम्मेदार अधिकारियों को त्वरित रिपोर्टिंग का निर्देश दिया गया।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के महाप्रबंधक को निर्देश दिये गये कि जिले के नक्सल प्रभावित एवं दूरस्थ ग्रामों तक पहुंच हेतु बन रही सड़कों का कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए।
अधिकारियों ने बताया कि डाबरी से लांजी सड़क का प्रस्ताव विभाग द्वारा तैयार कर लिया गया है और इसे मंजूरी हेतु प्रदेश कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाना है। कलेक्टर ने कहा कि इस प्रस्ताव की शीघ्रता से पारदर्शी रूप से अनुवर्ती कार्रवाई की जाए।
आईटीआई की प्राचार्य को निर्देश दिये गये कि मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के तहत जिले के उद्यमों में रिक्त 357 पदों पर स्थानीय युवाओं की प्राथमिकता के साथ शीघ्र नियुक्ति करायी जाए।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत स्वरोज़गार हेतु शेष युवाओं के लिये शिविर आयोजित कर ऋण व प्रशिक्षण सुनिश्चित किये जाएँ। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र को कहा गया कि बैंक समन्वय कर, पंजीकरण कराये गये सभी युवाओं को ऋण दिलाने का त्वरित प्रयास करें।
कलेक्टर ने ज़ोर दिया कि स्थानीय प्रतिभा को प्राथमिकता देने से ही दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित होगी।
उप संचालक कृषि व सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिन ग्रामों में धान की सिंचाई सम्भव नहीं है, वहाँ के किसानों को गेहूं, चना, सरसों, मसूर जैसी कम-पानी वाली फसलों के लिये प्रोत्साहित किया जाए।
चिन्हित ग्रामों के लिये बीज उपलब्ध कराने, बोनी में सहायता व कृषि-प्रशिक्षण त्वरित रूप से सुनिश्चित करने कहा गया। बैठक में बताया गया कि वर्तमान रबी सीज़न में 752 हेक्टेयर में चना की बोनी की जा चुकी है।
कलेक्टर ने कहा कि जल-संसाधन की सीमाओं को देखते हुए स्मार्ट कृषि अपनाने पर बल दिया जाए और किसान सहायक योजनाओं से पर्याप्त लाभान्वित हों।
ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री को लालबर्रा स्टेडियम के सुधार एवं मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिये गये। स्टेडियम का उपयोग स्थानीय खेलकूद और सामुदायिक आयोजनों के लिये किया जाएगा।
जल संसाधन विभाग ने रिपोर्ट दी कि ढूटी डेम के पानी निकासी गेट की मरम्मत कार्य पूर्ण कर दिया गया है तथा सातनारी जलाशय का निर्माण वहीँ इस सप्ताह से शुरू कर दिया जायेगा।
एमपीआरडीसी को वर्षा से हुए सड़कों के गड्ढों को भरने एवं मरम्मत कार्य तत्काल पूरा करने के निर्देश दिये गये।
कलेक्टर ने कहा कि अवसंरचना कार्यों में देरी स्वीकार्य नहीं है और प्रत्येक परियोजना की प्रगति नियमित रूप से मॉनिटर की जाएगी।
सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग को निर्देश दिये गये कि महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को आवास सहायता योजना के प्रकरणों में सहायता राशि का शीघ्र वितरण किया जाये; कोई भी प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।
विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा की महिलाओं को आहार अनुदान योजना की राशि नियमित रूप से उपलब्ध कराने पर ज़ोर दिया गया ताकि कोई भी पात्र लाभवंचित न रहे।
बताया गया कि आवास सहायता योजना के 97 प्रतिशत प्रकरणों का निस्तारण कर दिया गया है; आहार अनुदान योजना में कोई लंबित प्रकरण नहीं है और छात्रवृत्ति का समय पर भुगतान निरंतर जारी है।
कलेक्टर ने कहा कि कल्याण योजनाओं का लक्ष्य ही जरूरतमंदों तक सहज पहुँच सुनिश्चित करना है, अतः शासन निर्देशों का पूर्ण पालन अनिवार्य है।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट निर्देश दिये कि जिले में कोई भी मेडिकल स्टोर बिना फार्मासिस्ट के संचालित नहीं हो। दोनों पदस्थ ड्रग-इंस्पेक्टरों को लक्ष्य दिया गया कि वे सप्ताह में 50-50 मेडिकल स्टोर का निरीक्षण करें। बगैर फार्मासिस्ट संचालित दुकानों पर स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को कहा गया कि निरीक्षण के दौरान पूर्व में किये गये निर्देशों की रिपोर्ट संबंधित प्रतिष्ठानों में डिस्प्ले कराई जाए ताकि जनता को भी पता चल सके कि क्या सुधार कार्य किए गए हैं। नियमों का पालन न करने वाले प्रतिष्ठानों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बंद किया जाएगा और पुनः खोलने का निर्णय केवल अपर कलेक्टर न्यायालय के आदेश पर ही लिया जाएगा।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और नियमों के सख्त पालन पर विशेष बल दिया।
सोनगुड्डा क्षेत्र में मलेरिया की नियमित जांच व मलेरिया रोगियों को आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर वहां उपचार व जनजागरूकता बढ़ाने को कहा गया।
बैहर एसडीएम को कहा गया कि मलेरिया अधिकारी द्वारा बैहर क्षेत्र के ग्रामों में किये गये मच्छरदानी वितरण का मैदानी सत्यापन कराया जाए। भविष्य में मच्छरदानी वितरण स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में ही सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने सूचित किया कि मलेरिया नियंत्रण के कार्य में संतोषजनक प्रगति न रहने पर जिला मलेरिया अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
कलेक्टर ने मलेरिया जैसे संक्रामक रोगों के नियंत्रण को प्राथमिकता देते हुए एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए।
नगरपालिकाओं के मुखिया अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि 31 दिसम्बर 2020 की स्थिति के अनुसार पात्र लोगों को आवासीय पट्टे वितरित किए जाएँ और स्वच्छ पेयजल, घर-घर कचरा संग्रहण तथा नालियों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए।
सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा में कलेक्टर ने कहा कि 50 दिनों से लंबित शिकायतों का शीघ्र निवारण किया जाये और हर शिकायत संतुष्टि के साथ बंद की जानी चाहिए।
जिला परिवहन अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जिले के विभिन्न स्थानों से हैदराबाद के लिए नियम व शर्तों का उल्लंघन करते हुए संचालित बसों पर सख्त कार्रवाई करे।
कलेक्टर ने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन और अवैध संचालन यात्रियों के लिए ख़तरा है एवं ऐसे मामलों को कड़ा दंडात्मक दृष्टिकोण से देखा जायेगा।
बैठक समापन पर कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने कहा कि प्रत्येक विभागवार अधिकारी अपनी-अपनी गतिविधियों का साप्ताहिक प्रगति विवरण जारी करेंगे और प्रगति पर नज़र रखने हेतु एक मॉनिटरिंग तंत्र सक्रिय रखा जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि—
लंबित प्रकरणों का निष्पादन प्राथमिकता से कराकर दो सप्ताह के भीतर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
सभी जनहित संबंधी योजनाओं का लाभार्थियों तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुँचना सुनिश्चित किया जाए।
किसी भी संवेदनशील या आपातकालीन स्थिति में समन्वय के लिये संबंधित अधिकारियों की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित रहे।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि जनता की शिकायतों और सुझावों को गंभीरता से लिया जायेगा तथा प्रशासनिक प्रक्रिया में सुधार के लिये स्थानीय स्तर पर भी सुझाव आमंत्रित किये जायेंगे।
टीएल बैठक ने स्पष्ट संकेत दिया कि जिले में प्रशासनिक मामलों, कृषि संबंधी चुनौतियों, बुनियादी ढांचे तथा सामाजिक कल्याण योजनाओं पर त्वरित और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता है। कलेक्ट्रेट द्वारा उठाये गए कदम प्रगति के लिये सकारात्मक हैं, पर सफल परिणाम तभी मिलेंगे जब कार्यान्वयन-स्तर पर स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण, समयबद्ध निगरानी और पारदर्शिता बनी रहे

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