भोपाल/बालाघाट।
छिंदवाड़ा जिले में पिछले महीने कथित तौर पर कफ सिरप सेवन के बाद 22 से अधिक मासूम बच्चों की मौत के मामले ने मध्यप्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। शीतकालीन विधानसभा सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस विधायकों ने इस मुद्दे पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
बालाघाट की विधायक अनुभा मुंजारे भी शिशु के प्रतीकात्मक पुतले के साथ प्रदर्शन में शामिल हुईं और प्रदेश सरकार पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
“सरकार ने जिम्मेदारी निभाई होती, तो इतने मासूम नहीं मरते”—अनुभा मुंजारे
उन्होंने कहा—
“अगर बीजेपी सरकार जिम्मेदारी निभाती, तो इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की मौत नहीं होती। दवाई की जांच प्रक्रिया पूरी किए बिना उसका विक्रय कैसे हुआ? यह गंभीर सवाल है।”
विधायक ने मांग की कि इस मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और स्वास्थ्य मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
विधानसभा में जोरदार विरोध, पुतला रखकर किया सांकेतिक प्रदर्शन
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में बच्चे का पुतला रखकर प्रदर्शन किया और सरकार का ध्यान इस संवेदनशील मुद्दे की ओर खींचा।
विधायकों का कहना था कि प्रदेश में—
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बच्चों की सुरक्षा
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स्वास्थ्य व्यवस्था
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दवाइयों की गुणवत्ता प्रणाली
पूरी तरह चरमराई हुई है, और सरकार इस पर गंभीर नहीं है।
“कानून व्यवस्था भी बिगड़ी, किसान भी परेशान”—मुंजारे का हमला
विधायक अनुभा मुंजारे ने राज्य सरकार पर एक के बाद एक कई मुद्दों पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा—
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राज्य में अपराध बढ़े हैं
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गृह मंत्री होने के नाते कानून व्यवस्था सुधारें
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किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदने का वादा पूरा नहीं हुआ
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सरकार अपनी ही घोषणाओं पर अमल नहीं कर रही
कांग्रेस की मांगें
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कफ सिरप मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई
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संबंधित स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा
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दवा गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था की उच्च स्तरीय जांच
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मृत बच्चों के परिवारों को उचित मुआवजा
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बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस नीति
समापन
कफ सिरप प्रकरण को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरने की रणनीति तय कर ली है। शीतकालीन सत्र में यह मुद्दा जोर-शोर से उठने की संभावना है। वहीं सरकार पर बच्चों की मौत और दवा नियंत्रण ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।



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