पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल का कनकी में आत्मीय स्वागत
जिला जनसम्पर्क कार्यालय, बालाघाट (म.प्र.) | दिनांक – 17 नवम्बर 2025
मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल का 17 नवम्बर 2025 को बालाघाट जिले के ग्राम कनकी में आगमन हुआ। ग्राम पहुंचने पर सरपंच संघ द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया, जिसमें स्थानीय प्रतिनिधियों एवं पंचायत पदाधिकारियों ने गर्मजोशी से भाग लिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथियों में शामिल रहे—
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विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे
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जिला पंचायत सदस्य श्री डूलेंद्र ठाकरे
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सरपंच संघ के जिला अध्यक्ष श्री वैभव बिसेन
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ग्राम पंचायत कनकी के सरपंच श्री दुर्गाप्रसाद पगरवार
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सरपंच संघ के विभिन्न पदाधिकारी एवं क्षेत्रीय सरपंच
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।
ग्राम विकास पर मंत्री श्री पटेल के महत्वपूर्ण संदेश
अपने संबोधन में मंत्री श्री पटेल ने पंचायतों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि गांव की प्रगति, पारदर्शी कार्य और सही दिशा में निवेश पर निर्भर करती है। उन्होंने सरपंचों और पंचायत पदाधिकारियों को कई मुख्य सुझाव दिए—
🟦 1. शासन की राशि का सही और पारदर्शी उपयोग करें
मंत्री ने बताया कि ग्राम पंचायतें यदि योजनाओं का ईमानदारी और जिम्मेदारी से संचालन करेंगी तो इसका लाभ लंबे समय तक ग्रामीणों को मिलेगा। उन्होंने विशेष रूप से कहा—
“सरपंच और पंच मिलकर अच्छा कार्य करेंगे तो आने वाली पीढ़ियाँ भी उन्हें याद रखेंगी।”
उन्होंने पेयजल, स्वच्छता, बिजली, नाली, सड़क जैसी जरूरतों को अंतिम प्राथमिकता देने की बात कही।
🟦 2. मनरेगा में मजदूरी-मटेरियल के संतुलन के कारण छोटे कार्यों को प्राथमिकता दें
मंत्री श्री पटेल ने मनरेगा के तहत कार्यों की तकनीकी सीमाओं को समझाते हुए कहा—
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मनरेगा में मजदूरी और मटेरियल दोनों का निर्धारित अनुपात है।
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इस कारण बड़े निर्माण कार्य लेना कठिन होता है।
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इसलिए पंचायतें छोटे, जरूरी और स्थायी कार्यों का चयन करें।
उन्होंने कहा कि गांव की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान मनरेगा से किया जा सकता है।
🟦 3. टाइड और अनटाइड फंड का उपयोग गांव की आवश्यकताओं में करें
मंत्री ने स्पष्ट किया कि—
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पंचायतों को मिलने वाले टाइड फंड का उपयोग निश्चित कार्यों में किया जाता है।
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जबकि अनटाइड फंड गांव की प्राथमिक आवश्यकताओं के अनुसार खर्च किया जा सकता है।
उन्होंने सरपंचों से कहा कि इन फंडों का प्राकृतिक स्रोतों के संरक्षण, नालियों की सफाई, स्ट्रीट लाइट सुधार, पेयजल व्यवस्था, छोटे निर्माण कार्यों में उपयोग करें।
नल-जल योजना पर विस्तृत मार्गदर्शन
मंत्री श्री पटेल ने नल-जल योजनाओं (Nal-Jal Yojana) के संचालन पर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी—
✔ योजना के पहले 3 वर्ष—
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHED) विभाग द्वारा ही संचालित की जाएगी।
✔ उसके बाद—
योजना ग्राम पंचायत को हस्तांतरित हो जाएगी।
✔ पंचायत की जिम्मेदारियाँ—
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नियमित जल आपूर्ति की व्यवस्था
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मोटर, पाइपलाइन, टैंक आदि का रख-रखाव
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खर्चों का हिसाब-किताब
✔ ग्रामीणों को जल कर देने के लिए तैयार करें
मंत्री ने कहा—
“नल-जल योजना को सुव्यवस्थित चलाने के लिए ग्रामीणों को भी जल-कर (Water Tax) देने के प्रति मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए।”
इससे योजना का संचालन वर्षों तक बिना बाधा जारी रहेगा।
ग्राम विकास में जनता की भागीदारी पर जोर
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि गांवों में—
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सड़क
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शिक्षा
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पेयजल
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स्वास्थ्य
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स्वच्छता
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बिजली
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कृषि सुविधाएं
जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में पंचायत, विभाग और जनता—तीनों का संयुक्त प्रयास जरूरी है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को भी उन सेवाओं के संरक्षित रहने के लिए सहयोग और जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
कनकी में आयोजित यह कार्यक्रम ग्राम पंचायतों के लिए एक बड़ा मार्गदर्शन साबित हुआ।
मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल के सुझावों ने—
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पंचायतों को योजनाओं की बेहतर समझ दी,
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फंड के सही उपयोग पर स्पष्टता लाई,
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मनरेगा के प्रभावी उपयोग का तरीका बताया,
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और नल-जल योजना के भविष्य संचालन पर दिशानिर्देश प्रदान किए।
यह कार्यक्रम ग्राम विकास को नई गति देने वाला सिद्ध हुआ।

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