Top News

कलेक्‍टर ने कृषि, उद्यानिकी, मत्‍स्‍योद्योग एवं पशुपालन विभाग की योजनाओं की समीक्षा

 


⏱️ लक्ष्‍यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश**

Balaghat | 14 November 2025

कलेक्‍टर श्री मृणाल मीना ने मंगलवार को कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों की महत्त्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, एपीसी बैठक में दिए गए निर्देशों की स्थिति और आगामी लक्ष्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान जिला पंचायत के सीईओ श्री अभिषेक सराफ, सहायक कलेक्टर श्री आकाश अग्रवाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


🌾 कृषि विभाग—लक्ष्य समय पर पूर्ण करने के सख्त निर्देश

कलेक्टर ने कृषि विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि—

  • एपीसी बैठक में दिए गए सभी लक्ष्य समयसीमा में पूरे किए जाएं।

  • फसल प्रदर्शन कार्य फील्ड में स्पष्ट रूप से दिखाई दें।

  • किसानों को बीज एवं कृषि सामग्री स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से वितरित की जाए।

  • प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने हेतु

    • सुपर सीडर

    • स्मार्ट सीडर

    • हैप्पी सीडर

    • बेलर
      किसानों को अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएं।

  • जे-फार्म ऐप पर अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन कराने के निर्देश।

  • राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के लक्ष्य दो माह में पूरा करने के निर्देश।


🍌 उद्यानिकी विभाग—किसानों को बागवानी की ओर प्रोत्साहित करें

कलेक्टर ने कहा कि परंपरागत खेती के स्थान पर किसानों को उद्यानिकी फसलों की ओर प्रेरित किया जाए।
मुख्य निर्देश:

  • किसानों को प्रशिक्षण भ्रमण (Exposure Visit) पर भेजा जाए।

  • केला, अमरूद, ड्रैगन फ्रूट एवं सब्जियों की आधुनिक खेती को बढ़ावा दिया जाए।

  • ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सेट किसानों को उपलब्ध कराए जाएं।

  • संरक्षित खेती के लिए पॉलीहाउस लगाने हेतु प्रोत्साहित किया जाए।

  • जिले में उत्पादित फलों पर आधारित फूड प्रोसेसिंग यूनिट के प्रस्ताव तैयार किए जाएं।


🐟 मत्स्य विभाग—झींगा पालन और केज कल्चर को बढ़ावा

समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने मत्स्य पालन को बढ़ाने पर जोर दिया।
मुख्य बिंदु:

  • झींगा पालन को बढ़ावा दिया जाए।

  • बड़े जलाशयों में केज कल्चर लगाने का लक्ष्य जल्द पूरा किया जाए।

  • अब तक जिले में 72 केज कल्चर लगाए जा चुके हैं।

  • वर्ष 2025 में 1100 केज कल्चर लगाने का लक्ष्य निर्धारित है।


🐄 पशुपालन विभाग—पशुधन बीमा और चलित पशु चिकित्सा इकाई पर जोर

बैठक में पशुपालन विभाग को कई निर्देश दिए गए—

  • चलित पशु चिकित्सा इकाई का व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करें।

  • किसानों-पशुपालकों को अधिक से अधिक लाभ मिले।

  • दुग्ध उत्पादन बढ़ाने हेतु मादा पशुओं में सेक्स-सार्टेड सीमेन से कृत्रिम गर्भाधान किया जाए।

  • सभी प्रक्रियाओं की ऑनलाइन एंट्री अनिवार्य होगी।

  • गोकुल मिशन एवं डेयरी प्लस योजना के लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जाए।

  • पशुधन बीमा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए।


कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने सभी विभागों को स्पष्ट संदेश दिया कि योजनाओं के लक्ष्य समय सीमा में और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि किसान हित सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार की सभी योजनाएं जमीनी स्तर पर दिखनी चाहिए।

Post a Comment

और नया पुराने