जनजातीय कार्य विभाग के 373 शिक्षकों को उच्चतर क्रमोन्नत वेतनमान स्वीकृत
जिला स्तरीय विभागीय समिति की अनुशंसा पर जारी हुआ आदेश, शिक्षकों में खुशी की लहर
बालाघाट।
जिले के जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जिला स्तरीय विभागीय क्रमोन्नति समिति की अनुशंसा के आधार पर लंबे समय से सेवा दे रहे 373 शिक्षकों को उनकी पात्रता अनुसार उच्चतर क्रमोन्नत वेतनमान स्वीकृत कर दिया गया है। इससे शिक्षकों के आर्थिक एवं कार्यगत मनोबल में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती शकुंतला डामोर ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा शिक्षकों की 12, 24 और 30 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय क्रमोन्नति प्रदान करने की प्रक्रिया पूरी की गई है।
✔ 12 वर्ष सेवा पूर्ण करने वाले 315 शिक्षक लाभान्वित
जनजातीय कार्य विभाग बालाघाट के अंतर्गत 12 वर्ष की नियमित सेवा पूरी करने पर 315 प्राथमिक शिक्षकों को प्रथम क्रमोन्नत वेतनमान जारी किया गया है। इस वेतनमान से शिक्षकों की मूल वेतन संरचना में महत्वपूर्ण सुधार होगा।
✔ 24 वर्ष सेवा पर 51 प्राथमिक शिक्षकों को द्वितीय क्रमोन्नति
इसी क्रम में 24 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर 51 प्राथमिक शिक्षकों को द्वितीय क्रमोन्नत वेतनमान स्वीकृत किया गया है। यह शिक्षकों की लंबी शैक्षणिक सेवाओं का सम्मान है, जो भविष्य की आय एवं पेंशन लाभों पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा।
✔ 30 वर्ष सेवा पूर्ण करने वाले 7 शिक्षक भी हुए लाभान्वित
30 वर्ष की सतत एवं उत्कृष्ट सेवा को देखते हुए 05 सहायक शिक्षकों और 02 उच्च श्रेणी शिक्षकों को तृतीय क्रमोन्नत वेतनमान प्रदान किया गया है। यह विभाग द्वारा वरिष्ठ शिक्षकों के कार्य एवं योगदान के प्रति आभार का प्रतीक है।
ईमेल और हार्ड कॉपी के माध्यम से जारी किए गए आदेश
सहायक आयुक्त ने बताया कि सभी शिक्षकों के क्रमोन्नति आदेश संबंधित संकुल प्राचार्यों एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को ई-मेल के माध्यम से भेज दिए गए हैं। साथ ही, आवश्यकतानुसार हॉर्ड कॉपी भी उपलब्ध कराई जा रही है ताकि वेतनमान सुधार की प्रक्रिया बिना किसी विलंब के लागू की जा सके।
पात्र शिक्षक का नाम छूटने पर तत्काल जानकारी भेजने के निर्देश
संकुल प्राचार्यों को यह भी निर्देशित किया गया है कि यदि किसी पात्र शिक्षक का नाम सूची में शामिल नहीं हो पाया है, तो उस शिक्षक का गोपनीय प्रतिवेदन (CR) एवं सह-प्रस्ताव जल्द से जल्द कार्यालय सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग बालाघाट को भेजें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पात्र शिक्षक को क्रमोन्नति से वंचित नहीं रखा जाएगा।
विभागीय प्रक्रिया से शिक्षकों में हर्ष
क्रमोन्नति आदेश जारी होने के बाद शिक्षकों में उत्साह और संतोष है। वर्षों से लंबित क्रमोन्नति पाने के बाद शिक्षकों का मनोबल बढ़ा है और वे इसे अपने कार्य के प्रति सम्मान मान रहे हैं।
जनजातीय कार्य विभाग द्वारा समय-समय पर शिक्षकों के हितों में की जा रही ऐसी प्रक्रियाएं न केवल शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करती हैं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता में भी सकारात्मक सुधार लाती हैं।

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